खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने कहा, मानसून में मुंबई में बाढ़ जैसी स्थिति के लिए केवल बीएमसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
पीठ ने कहा कि अतिक्रमण और बंद नालियां 'हमारी अपनी बनाई हुई समस्या' हैं। बारिश में जलभराव होना इसका स्वाभाविक परिणाम है।
पीठ ने कहा, हममें जमीन पर कब्जा करने की अजीब आदत है। हम सारा कचरा और सामान नालियों में डाल देते हैं, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं। मुंबई में थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें भर जाती हैं। यह हमारी अपनी बनाई हुई समस्या है।
कोर्ट ने लोगों से नगर निकाय को अकेले दोष देने से रोकते हुए कहा कि सरकार ने नालियां और फुटपाथ बनाए हैं। लेकिन लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं समझते और उन्हें खराब कर देते हैं।
पीठ ने कहा, फुटपाथ पर अवैध दुकानें लगाकर कब्जा कर लिया जाता है। लोग चल नहीं पाते। इसमें नगर निगम क्या करेगा? हमारी आदत अपनी ही जमीन को नुकसान पहुंचाने की है। हम जमीन पर कब्जा करते हैं और फिर अवैध रूप से दुकानें बना लेते हैं।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/stop-blaming-bmc-alone-for-monsoon-water-logging-hc-encroachments-and-clogged-drains-our-creation-2026-07-07