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टीवी अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने फेमिनिज्म और महिलाओं के सशक्तिकरण पर खुलकर अपनी बात रखी है। उनका मानना है कि महिलाओं की असली ताकत उनके आत्मविश्वास, संस्कारों और सोच से आती है, न कि छोटे कपड़े पहनने या स्मोकिंग करने से।
स्मोकिंग और बोल्डनेस आईएएनएस से बातचीत के दौरान शिल्पा ने बताया कि वह महिलाओं के सशक्तिकरण मामले में थोड़ी पुरानी सोच रखती हैं। उन्हें महिलाओं का स्मोकिंग करना बिल्कुल पसंद नहीं है। शिल्पा का कहना है कि सिर्फ स्मोकिंग करने, शराब पीने या छोटे कपड़े पहनने से कोई महिला बोल्ड या मॉडर्न नहीं हो जाती। बोल्डनेस का असली मतलब कुछ और है। शिल्पा को महिलाओं का साड़ी पहनना पसंद है, लेकिन वे कहती हैं कि कपड़े किसी की सोच तय नहीं करते। एक महिला साड़ी पहने या वेस्टर्न कपड़े, सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि वह खुद को और अपनी पहचान को कितनी अच्छी तरह समझती है।
दिखावा नहीं, संस्कार जरूरी बातचीत के दौरान अभिनेत्री परवीन दस्तूर ने भी कहा कि आजकल बहुत कम उम्र की लड़कियां जो दिखने में बहुत सीधी होती हैं, उन्हें भी पान की दुकानों पर स्मोकिंग करते देखा जा सकता है। शिल्पा ने इस बात से सहमति जताई कि बाहरी दिखावा अक्सर धोखा दे सकता है। शिल्पा शिंदे ने कहा, 'अपनी नजर में फेमिनिज्म का मतलब है कि महिलाएं पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने संस्कारों को अपनाएं, न कि बाहरी दिखावे को ही ताकत समझ लें।' यह भी पढ़ें: अपने बच्चों यश और रूही के साथ छुट्टियों पर निकले करण जौहर, एयरपोर्ट पर हुए स्पॉट
Source: https://www.amarujala.com/entertainment/television/shilpa-shinde-says-she-does-not-like-women-smoking-prefers-seeing-them-in-sarees-with-a-strong-mindset-2026-06-22