यदि प्रत्येक अरब आकाशगंगाओं में से केवल एक में ही उन्नत सभ्यताएं विकसित होती हैं, तब भी समय और स्थान में 1,000 से अधिक सभ्यताएं बिखरी होंगी. जिन विविध वातावरणों में ये जीव पनप सकते हैं, उन्हें देखते हुए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि इनमें से कई जीव हमसे बहुत अलग होंगे.

Source: https://ndtv.in/world-news/ai-could-also-develop-consciousness-similar-to-living-beings-sensational-claim-in-research-by-two-scientists-11668329#publisher=newsstand