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शिवसेना यूबीटी के भीतर बगावत ने ठाकरे गुट को गंभीर संकट में डाल दिया है। पार्टी के छह बागी सांसदों में से दो ने रविवार को औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की घोषणा कर दी। इसे शिवसेना यूबीटी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इससे चार अन्य सांसदों के भी एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने का रास्ता खुल सकता है।
धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर ने पार्टी छोड़ने का फैसला ऐसे समय में लिया है, जब कुछ दिन पहले उन्होंने संकेत दिया था कि वे अपने पिता पवनराजे निंबालकर हत्याकांड के फैसले के बाद अंतिम फैसला लेंगे। वहीं हिंगोली के सांसद नागेश अष्टीकर ने फेसबुक लाइव के जरिए अपने दलबदल की घोषणा की।
शनिवार को सत्र न्यायालय ने पवनराजे निंबालकर हत्याकांड के सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने ओमराजे निंबालकर को पार्टी में बनाए रखने के लिए अंतिम प्रयास भी किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के तुरंत बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट को बड़ा झटका देने की रणनीति बनाई थी। हालांकि जब संसद में परिसीमन विधेयक पारित नहीं हो पाया, उसके बाद इस योजना को 'ऑपरेशन टाइगर' नाम देकर अमल में लाया गया।
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा उनके बेटे और कल्याण लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए भाजपा नेतृत्व को यह भरोसा दिलाया कि शिवसेना यूबीटी के सांसदों को अपने पाले में लाकर पार्टी अपनी संख्या बढ़ा सकती है।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/maharashtra-operation-tiger-uddhav-thackeray-amid-row-over-mps-switch-to-shinde-camp-only-one-shiv-sena-2026-06-22