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जन स्वास्थ्य में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़ की स्थिति सबसे खस्ताहाल रही। दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव का भी यही हाल रहा। गोवा, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, केरलम, सिक्किम शीर्ष-5 राज्यों और दिल्ली शीर्ष केंद्रशासित प्रदेश में शामिल है।
2014 से 2023 के बीच वैश्विक वायु प्रदूषण संबंधी मौतों में भारत की हिस्सेदारी 23.76 प्रतिशत से बढ़कर 25.34 प्रतिशत हो गई।
2023 में भारत में वायु प्रदूषण से मृत्यु दर प्रति 100,000 व्यक्तियों पर 186 थी, जबकि वैश्विक औसत 114 था। पिछले एक दशक में पीएम 2.5 के कारण होने वाली मौतों में भी 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
22% की कमी आई घरेलू वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों में। जो स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन की ओर बदलाव के लाभों को दर्शाती है।
विकास संकेतक आधारित रैंकिंग में सबसे ज्यादा आबादी वाले पांच राज्य-यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल-काफी पीछे हैं, जो इनके स्वास्थ्य, अवसंरचना विकास, सामाजिक समानता व पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में पिछड़ने का संकेत है।
गोवा, नगालैंड, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु शीर्ष-5 और झारखंड, बिहार, यूपी, ओडिशा, अरुणाचल सबसे खराब प्रदर्शन वाले राज्य।
36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 32 इस मामले में मानकों में आधे से भी नीचे।
2020-21 से 2024-25 के बीच पर्यावरण मंत्रालय ने लगभग 97,000 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वन उपयोगों के लिए स्थानांतरित करने की मंजूरी दी।
26 राज्यों में वन भूमि घटी, इंसानों पर हाथियों और बाघों के हमलों की घटनाएं बढ़ीं। 2025 के पहले छह महीनों में ही बाघों ने 40 लोगों को मार डाला।
पृथ्वी वैश्विक जल कंगाली के दौर में पहुंच रही है। कई क्षेत्रों में तो नदियां, झीलें, जलस्रोत, आर्द्रभूमि, मिट्टी और हिमनद इस कदर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं कि उनके ठीक होने की भी कोई गुंजाइश नहीं रही है।
भारत की बात करें तो 15 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने भूजल का अत्यधिक दोहन कर रहे हैं-पंजाब, राजस्थान और हरियाणा जितना भूजल निकलते हैं, उसकी मात्रा पुनर्भरण की तुलना में कहीं ज्यादा है।
रिपोर्ट राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से गत अप्रैल में जारी रिपोर्ट के हवाले से बताती है कि 13% भारतीय किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में युवा लड़कियां और महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक बीमार पड़ रही हैं। हृदय रोग कम उम्र में ही अपनी चपेट में ले रहा है। कुल हृदय रोग पीड़ितों में से 2% संख्या 15-29 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों की है।
ज्यादातर राज्यों में कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती बना हुआ है। पर्यावरण के लिहाज से गोवा, असम, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, ओडिशा शीर्ष पांच राज्य रहे, जबकि केंद्रशासित क्षेत्र में चंडीगढ़ ने अव्वल स्थान हासिल किया।
सबसे निचले स्थान पर राजस्थान, तमिलनाडु, बिहार, पंजाब, प. बंगाल, पुदुचेरी है।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/world-environment-day-weather-changes-temperature-rises-to-record-high-for-1st-time-in-124-years-cse-report-2026-06-05