केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा में कहा कि बीएसएफ और एसएसबी तैनात सीमाओं पर जल्द स्मार्ट बॉर्डर परियोजना लागू होगी। आधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के सहयोग से अभेद्य सुरक्षा ग्रिड बनाया जाएगा। साथ ही सीमा सुरक्षा और जवानों की सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी।

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बॉर्डर पर जहां सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' और सशस्त्र सीमा बल 'एसएसबी' तैनात है, वहां 'स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट लागू होगा। सीमा सुरक्षा बल की मदद से लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा। एक चतुष्कोणीय सुरक्षा रणनीति के तहत, स्थानीय प्रशासन, तकनीक और जवानों के परिश्रम को साथ में लेते हुए सीमाओं को अभेद्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। स्मार्ट बॉर्डर का यह कंसेप्ट अंतिम चरण में है। एक साथ देश की अलग-अलग सीमाओं के सात-आठ स्थानों पर इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा बल की लंकामूरा सीमा चौकी (बीओपी) पर जवानों के साथ संवाद करते हुए यह बात कही है। गृह मंत्री ने कहा, बीएसएफ के पास महत्त्वपूर्ण सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा है। इतने बड़े बॉर्डर पर कहीं हर जगह एक अलग प्रकार की चुनौती है। केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि जहां-जहां सीमा पर सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल तैनात हैं, वहां पर स्मार्ट बॉर्डर का निर्माण करेंगे।

शाह ने कहा, इस पायलट प्रोजेक्ट में जो भी शुरूआती समस्याएं आएंगी उन्हें दूर कर पूरी सीमा को स्मार्ट बॉर्डर बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ेंगे। इस कॉंसेप्ट में डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट, एसपी, गांव के पटवारी और सरपंच की भी भूमिका होगी। जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय प्रशासन को हम इस कॉन्सेप्ट में समाहित नहीं करते, तब तक हम सीमा को अभेद्य नहीं बना सकते। अगर हम आइसोलेशन में सीमा की सुरक्षा की कल्पना करते हैं वो कभी सफल नहीं हो सकती।

अमित शाह ने कहा, 2019 से लेकर अभी तक हमारे सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों ने लगभग 7.5 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाने का काम किया है। इस वर्ष 40 लाख से 60 लाख वृक्ष लगाएंगे और लगाए हुए वृक्षों में से जो वृक्ष जीवित नहीं रह सके, उन सभी वृक्षों को दोबारा लगाने का काम किया जाएगा। अगले वर्ष सीएपीएफ के जवान 2 करोड़ वृक्ष लगाने का काम करेंगे, जिससे पर्यावरण और देश की सेवा होगी। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल की 37वीं वाहिनी में जवानों के आवास का ई- लोकार्पण और बीएसएफ 97वीं वाहिनी में क्वार्टर गार्ड परिसर का ई-शिलान्यास किया है।

गृह मंत्री ने कहा, केंद्र सरकार ने बॉर्डर पर तैनात जवानों की सुविधा बढ़ाने के लिए कई प्रकार के काम किए हैं। जवानों और उनके परिवार के स्वास्थ्य की चिंता और उनके परिवार के रहने के लिए मकान की चिंता भी की है। बीएसएफ का नाम लेते ही देशवासियों के मन में सम्मान का भाव आ जाता है। यह बताता है कि आपकी कठिनाइयों को देश की जनता देख रही है, महसूस कर रही है और आपके तप, त्याग और समर्पण को स्वीकृति भी दे रही है। त्रिपुरा फ्रंटियर, हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सीमा पर बाड़ के आधुनिकीकरण के लिए 15 वर्ष से पुरानी लगभग 650 किलोमीटर की बाड़ में से 119 किलोमीटर नई बाड़ को भी हमने मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि जवानों की सुविधाओं के लिए सीमा चौकियों की बिजली आपूर्ति, ग्रीन एनर्जी इनिशिएटिव, जवानों के लिए सुरक्षित पेयजल आदि प्रोजेक्ट न केवल शुरू किए गए बल्कि हमने उन्हें पूरा भी कर दिया है। त्रिपुरा, तीन ओर से सीमाओं से घिरा हुआ संवेदनशील राज्य है। शाह ने प्रधानमंत्री मोदी ने हम सबके सामने एक लक्ष्य रखा है कि 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित बनाना है। भारत को पूर्ण विकसित बनाने के लिए भारत को सबसे पहले सुरक्षित बनाना होगा। हमें देश को स्मगलिंग, मानव तस्करी, देश के युवाओं को नशे से सुरक्षित करना होगा। हर चीज के लिए सुरक्षा का उपाय हो, ऐसा स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड बनाने का काम केंद्र सरकार ने हाथ में लिया है।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/smart-borders-established-in-areas-where-the-bsf-and-ssb-are-deployed-creating-a-leak-proof-security-grid-2026-06-05