केरल के गृह मंत्री ने कहा कि सबरीमाला सोना चोरी मामले की एसआईटी जांच पूरी तरह स्वतंत्र है। इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि सबरीमाला सोने की कथित चोरी के मामले में दोषियों को परिणाम भुगतने होंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की एसआईटी जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं है।

जांच में सरकार की भूमिका पर क्या बोले गृह मंत्री? उन्होंने यहां पत्रकारों को बताया कि केरल उच्च न्यायालय ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और जांच उसकी देखरेख में चल रही है। चेन्निथला ने कहा, 'इस जांच में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। गृह मंत्री का पदभार संभालने के बाद से मैंने न तो उनसे (एसआईटी कर्मियों से) संपर्क किया है और न ही जांच के संबंध में कोई निर्देश जारी किया है।'

मंत्री ने कहा, 'जिन्होंने गलत काम किया है उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।' इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जांच को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी उच्च न्यायालय द्वारा सबरीमाला में कथित तौर पर सोने की चोरी की जांच कर रही एसआईटी को एक नया आपराधिक मामला दर्ज करने की अनुमति देने के एक दिन बाद आई है। एसआईटी ने बताया था कि मंदिर की द्वारपाल (संरक्षक देवता) मूर्तियों की 2025 में हुई मरम्मत के संबंध में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष पीएस प्रशांत के खिलाफ सबूत सामने आए हैं।

क्या है पूरा मामला? उच्च न्यायालय के निर्देशों पर एसआईटी का गठन द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के सोने से मढ़े दरवाजों से कथित रूप से सोने की चोरी से संबंधित दो मामलों की जांच के लिए किया गया था, जिन्हें 2019 में हटाकर चेन्नई में पुनः मढ़ने के लिए ले जाया गया था।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/kerala-government-takes-tough-stance-gold-theft-case-what-home-minister-say-party-role-in-the-investigation-2026-06-30