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राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाकर यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि पार्टी की नजर केवल राज्यसभा की दो सीटों पर ही नहीं, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के सामाजिक समीकरणों पर भी है।

राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा दो सीटें और कांग्रेस एक सीट जीतने की स्थिति में है। ऐसे में भाजपा द्वारा घोषित दोनों नामों को राजनीतिक और सामाजिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

संगठन के पुराने चेहरों पर भरोसा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया लंबे समय से संगठन की राजनीति का अहम चेहरा रहे हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी पार्टी नेतृत्व ने उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाकर सक्रिय भूमिका में बनाए रखा। अब उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला इस बात का संकेत है कि संगठन में उनकी भूमिका और महत्व बरकरार है।

वहीं, अलका गुर्जर का नाम सामने आने से यह संदेश गया है कि पार्टी महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के साथ-साथ गुर्जर समाज में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। अलका गुर्जर लंबे समय से संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाती रही हैं और जमीनी स्तर पर सक्रिय रही हैं।

2028 के सामाजिक समीकरणों पर नजर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इन दोनों नामों के जरिए राजस्थान के दो प्रभावशाली समुदायों को साधने की कोशिश की है। दोनों समुदाय प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। हाल के वर्षों में जाट और गुर्जर समाज के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में पार्टी ने राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन के माध्यम से इन वर्गों को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि संगठन और सत्ता में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ये भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने जारी की 10 प्रत्याशियों की सूची; गुजरात से चार, राजस्थान-MP से 2-2 उम्मीदवार घोषित

केंद्रीय नेतृत्व का स्पष्ट संदेश उम्मीदवारों का चयन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा ने ऐसे नेताओं को मौका दिया है, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और जिनकी अलग-अलग सामाजिक वर्गों में मजबूत पहचान है। इससे कार्यकर्ताओं के बीच भी यह संदेश गया है कि संगठन में लंबे समय तक काम करने वालों को सम्मान और अवसर मिल सकता है।

तीसरी सीट पर कांग्रेस की नजर राजस्थान में तीन सीटों पर चुनाव होना है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। संख्या बल के हिसाब से भाजपा की दो सीटें लगभग तय मानी जा रही हैं, जबकि तीसरी सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव का परिणाम भले ही पहले से तय नजर आ रहा हो, लेकिन उम्मीदवारों के चयन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा ने इस चुनाव को सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने के एक बड़े मंच के रूप में इस्तेमाल किया है।

Source: https://www.amarujala.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-rajya-sabha-election-bjp-announces-alka-gurjar-satish-poonia-as-candidates-news-in-hindi-2026-06-04