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पुणे के पास पिंपरी चिंचवड में एक अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र में इमारत गिरने से मलबे से दो और लोगों को बचाया गया है, जिससे जीवित बचे लोगों की कुल संख्या नौ हो गई है। यह जानकारी एक आधिकारी ने दी है।

क्या है पूरा मामला? बुधवार दोपहर को मोशी इलाके में एक अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्र के ऊपर स्थित तीन मंजिला इमारत उस समय ढह गई जब कचरे का एक विशाल ढेर उस पर गिर गया, जिससे लगभग 18 लोग मलबे के नीचे फंस गए। दुर्घटना के घंटों बाद सात पीड़ितों को मलबे से बाहर निकाला गया।

संयुक्त बचाव अभियान जारी आधी रात के बाद, मलबे से दो और लोगों को बचाया गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है। पुलिस उपायुक्त गणेश इंगले ने बताया कि बाकि पीड़ितों को बचाने के लिए एक संयुक्त बचाव अभियान चल रहा है।

पिंपरी चिंचवड नगर निगम के सहयोग से 14 मेगावाट के विद्युत संयंत्र का संचालन करने वाली एंटनी लारा रिन्यूएबल एनर्जी के कर्मचारी भी फंसे हुए लोगों में शामिल थे। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी थी। पिंपरी चिंचवड नगर निगम ने एक विज्ञप्ति में बताया कि शुरुआत में मलबे के नीचे 23 लोगों के फंसे होने की आशंका थी, जिनमें से पांच लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। बाकी लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया।

बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल? यह अभियान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना, नगर निगम अग्निशमन विभाग, पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अग्निशमन विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था। इसमें आगे कहा गया है कि बाकि लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/pune-building-collapse-many-people-rescued-safely-from-the-debris-was-heavy-rain-the-cause-of-the-accident-2026-07-09