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फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल से अधिक समय हो चुका है और युद्ध समाप्त करने के प्रयास तेज हो रहे हैं। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। वहीं जी-7 देशों ने यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए उसकी रक्षा क्षमता को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ बैठक में कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहेगा और मानवता के मूल्यों को सर्वोच्च महत्व देता है। दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन संबंधों की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को युद्ध से पहले के स्तर पर वापस लाने की जरूरत है।
बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भारत ने एक बार फिर अपना रुख दोहराते हुए कहा कि किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने शांति और संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश पहले से कुछ संयुक्त परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं और अब उद्योग, व्यापार तथा अन्य क्षेत्रों में साझेदारी को और विस्तार देने पर सहमति बनी है। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी टीमों को संभावित सहयोग के क्षेत्रों पर आगे काम करने का निर्देश भी दिया।
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों ने एक संयुक्त घोषणा जारी कर यूक्रेन के प्रति "अटूट समर्थन" की बात कही। नेताओं ने कहा कि वे यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उसके साथ खड़े हैं। बयान में यूक्रेनी नागरिकों के साहस और संघर्ष की भी सराहना की गई। जी-7 देशों ने माना कि हाल के महीनों में यूक्रेन ने कई मोर्चों पर प्रगति दिखाई है और अब शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नया अवसर पैदा हुआ है।
जी-7 नेताओं ने यूक्रेन को अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणाली, इंटरसेप्टर और लंबी दूरी तक मार करने वाले गोला-बारूद उपलब्ध कराने पर सहमति जताई। इसके अलावा यूक्रेन को अपने देश में सैन्य उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक लाइसेंस देने का भी फैसला किया गया है। नेताओं ने कहा कि आने वाली सर्दियों को देखते हुए यूक्रेन की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद दी जाएगी। उनका मानना है कि युद्ध के बीच बुनियादी ढांचे और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना यूक्रेन के लिए बेहद जरूरी है।
जी-7 देशों ने रूस के तेल और गैस क्षेत्र पर प्रतिबंधों को और मजबूत करने का फैसला किया है, ताकि मॉस्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जा सके। नेताओं ने कहा कि रूस के खिलाफ प्रतिबंधों का उद्देश्य युद्ध को समाप्त करने की दिशा में दबाव बनाना है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करते हुए जी-7 नेताओं ने उम्मीद जताई कि वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। नेताओं ने यूक्रेन-रूस संघर्ष को समाप्त करने के लिए भी अपने संकल्प को दोहराया और कहा कि स्थायी शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जारी रहेगा।
Source: https://www.amarujala.com/world/pm-modi-zelenskyy-hold-bilateral-meeting-at-g7-discussed-many-issues-2026-06-17