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भारत सरकार ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने ऋण गारंटी योजना- 2.0 की अवधि बढ़ा दी है। साथ ही, बड़े संस्थानों के लिए अधिकतम ऋण सीमा को बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना की वैधता को आगे बढ़ाया है। अब यह योजना 31 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी। या फिर जब तक 20,000 करोड़ रुपये की कुल गारंटी जारी नहीं हो जाती, तब तक यह मान्य होगी। दोनों में से जो भी स्थिति पहले आएगी, वह लागू होगी। इस विस्तार से योजना का उपयोग बेहतर ढंग से हो पाएगा और अधिक लोगों तक लाभ पहुंचेगा।

सरकार ने बड़े एनबीएफसी-एमएफआई और एमएफआई के लिए अधिकतम ऋण राशि में भी वृद्धि की है। यह सीमा पहले 300 करोड़ रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि परिसंपत्ति प्रबंधन (एयूएम) के 20 फीसदी की समग्र सीमा के तहत की गई है। इस कदम से सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में ऋण का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है। इससे छोटे कर्जदारों को आसानी से ऋण मिल सकेगा।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/big-relief-for-microfinance-institutions-loan-guarantee-scheme-extended-limit-increased-to-rs-1-000-crore-2026-06-10