खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

हाल ही में आए चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजों ने पूरे बाजार को चौंका दिया है। मझोली कंपनियों ने अपने कामकाज के खर्चों को नियंत्रित कर मुनाफे के मार्जिन में शानदार सुधार किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

विदेशी संस्थागत निवेशक भले ही भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर जा रहे हों, लेकिन देश के आम खुदरा निवेशकों और घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने बाजार को गिरने नहीं दिया। सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये हर महीने आने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा मिडकैप फंड में जा रहा है।

जोखिम कुछ चुनिंदा सरकारी और डिफेंस क्षेत्र की कंपनियों में साफ दिख रहा है, जहां शेयरों की कीमतें उनकी वास्तविक कमाई के मुकाबले बहुत ज्यादा ऊपर जा चुकी हैं। यानी पीई रेशियो ऐतिहासिक औसत से बहुत ज्यादा है। इसमें भेल, पीटीसी जैसे कुछ उदाहरण हैं।

मिडकैप की यह पूरी रैली 29 फीसदी की ठोस आय वृद्धि पर टिकी है, इसलिए इसे पूरी तरह से हवाई कहना गलत होगा, लेकिन सावधानी जरूरी है। वैश्विक तनावों के कारण बीच-बीच में 5 से 10 फीसदी की गिरावट आ सकती है, जो बाजार की सेहत के लिए अच्छी ही है।

Source: https://www.amarujala.com/business/bonus/midcap-stocks-rebound-strongly-real-growth-story-or-just-a-market-rally-2026-06-08