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अलीगंज सेक्टर डी में सोमवार को हुए अग्निकांड में जलने वाले हैक्सार स्टूडियो की बड़ी खामियां सामने आई हैं। स्टूडियो की छत पर तारों का मकड़ जाल बना हुआ था। इतना ही नहीं स्टूडियो में बड़ी हो छोटी फॉल्ट संचालक उसे खुद दुरस्त कर देते थे।

लाइब्रेरी की जगह स्टूडियो खुला मगर खतरा रहा बरकरार करीब डेढ साल पहले लाइब्रेरी बंद हो गई। उसकी जगह पर हैक्सार स्टूडियो खुल गया। मगर, खतरा बरकरार है। उसके संचालक ने भी लापरवाही जारी रखी। आरोपी संचालक भी चाहे बड़ी हो या छोटी फाल्ट कभी भी इलेक्ट्रीशियन को नहीं बुलाता था। वह खुद ही उसे सही कर लेता था। इसी कारण जब सोमवार को आग लगी तो 15 बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

तारों, थर्माकोल और फाइबर इन तीनों चीजों ने आग में घी डालने जैसा काम किया था। इन्हीं तीनों के जलने से दमघोंटू धुआं निकला था। अंधेरा और काले धुएं के कारण लोगों को कुछ नहीं दिखा। वहीं थंब इंप्रेशन गेट के काम नहीं करने से लोग बाहर नहीं निकल सके थे।

केजीएमयू ट्रॉमा में एसआईटी एक घंटे तक डटी रही अलीगंज हादसे की जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम मंगलवार को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंची। टीम ने करीब एक घंटे तक ट्रॉमा सेंटर में रहकर अधिकारियों और डॉक्टरों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। इस दौरान ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह समेत अन्य अधिकारियों से बातचीत कर हादसे के बाद घायलों के पहुंचने और इलाज की प्रक्रिया को समझा गया। घायलों व डॉक्टरों से अहम सुराग जुटाए। एसआईटी ने अधिकारियों से पूछा कि घटना के बाद मरीज किस हालत में ट्रॉमा सेंटर लाए गए थे। घायलों के शरीर पर किस तरह की चोटें थीं। उन्हें किस स्तर की चिकित्सकीय जरूरत थी। इसके साथ ही हादसे में मृत लोगों के शव किस स्थिति में ट्रॉमा सेंटर लाए गए थे? इसकी भी जानकारी ली गई। टीम ने शवों पर चोट, जलने या अन्य किसी तरह के निशान से जुड़े तथ्यों को भी जांच के दायरे में रखा।

अधिकारियों ने एसआईटी को बताया कि हादसे के बाद ट्रॉमा सेंटर में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। घटना में घायल दो लोग अभी भी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। टीम ने इनमें से एक घायल लवप्रीत से बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी हासिल की। इसके बाद एसआईटी तीसरे तल पर पहुंची, जहां आईसीयू में भर्ती युवक का हाल जाना और उससे भी घटना से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ की। अग्निकांड की जानकारी कब हुई? बचाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए। घटना के वक्त सेंटर में कितने लोग मौजूद रहे।

Source: https://www.amarujala.com/photo-gallery/lucknow/lucknow-fire-fueled-by-wires-thermocol-and-fiber-revelations-on-the-causes-behind-the-15-deaths-in-the-luck-2026-06-23