भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस ऐरावत कोलंबो पहुंचा। यहां उसका पारंपरिक स्वागत हुआ। जहाज श्रीलंका तटरक्षक बल के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण लेकर आया है, जिससे दोनों देशों का समुद्री सहयोग मजबूत होगा।

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भारतीय नौसेना के जहाज ऐरावत का कोलंबो बंदरगाह पर पारंपरिक स्वागत किया गया। यह जानकारी श्रीलंकाई नौसेना ने गुरुवार को दी। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया कि आईएनएस ऐरावत भारत सरकार द्वारा दिए गए अनुदान के माध्यम से भारतीय तटरक्षक बल से श्रीलंका तटरक्षक बल के जहाज सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पुर्जे ला रहा था।

संबंधों को और मिलेगा मजबूत इसमें कहा गया है, 'भारतीय नौसेना के जहाजों द्वारा श्रीलंका की यात्रा का उद्देश्य दोनों मित्र नौसेनाओं के बीच मजबूत संबंधों को और मजबूत करना है, जो भारत की 'पड़ोसी पहले' की नीति और प्रधानमंत्री के महासागर विजन के अनुरूप है।' जहाज के कमांडिंग ऑफिसर, कमांडर आईपी पाटिल ने पश्चिमी नौसेना क्षेत्र के श्रीलंका नौसेना कमांडर से मुलाकात की। वहीं, द्वीप राष्ट्र की नौसेना के साथ पेशेवर और खेल संबंधी बातचीत में भाग लिया।

क्या है महासागर विजन? महासागर (क्षेत्र में सभी के लिए सक्रिय सुरक्षा और विकास हेतु समुद्री प्रमुख) भारतीय नौसेना की प्रमुख आउटरीच पहल है, जिसे हिंद महासागर क्षेत्र और अफ्रीकी देशों के समुद्री नेताओं के बीच उच्च स्तरीय आभासी संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। क्लास लैंडिंग शिप टैंक ऐरावत ईंधन और रसद ग्रहण करने के लिए ऑपरेशनल टर्न अराउंड पर था और सोमवार को कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/ins-airavat-arrives-in-sri-lanka-to-a-grand-welcome-strengthening-india-s-ocean-vision-2026-06-04