खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

20वीं सदी में एक बार फिर भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में सुधार की शुरुआत हुई। यही वह दौर था, जब रविंद्रनाथ टैगोर बाली पहुंचे थे और उन्होंने यहां भारतीय संस्कृति की झलक देख इसकी जबरदस्त तारीफ की थी।

भारत की आजादी के बाद दोनों देशों के रिश्ते तेजी से बढ़े और पहले गणतंत्र दिवस में भारत ने इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया। 1951 में भारत और इंडोनेशिया ने दोस्ती की संधि पर हस्ताक्षर किए।

1955 में भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो गुट-निरपेक्ष आंदोलन (नॉन-अलाइंड मूवमेंट) के पांच संस्थापकों में शामिल रहे थे।

2011 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसिलो बामबांग युधोयोनो गणतंत्र दिवस पर भारत के मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए गए थे।

Source: https://www.amarujala.com/world/pm-narendra-modi-remembers-jawaharlal-nehru-in-indonesia-sukarno-subianto-bandung-conference-news-and-updates-2026-07-07