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टी20 विश्व कप 2026 के सफल अभियान के बाद भारतीय टीम अब आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में दो मैचों की टी20 सीरीज खेलने उतरेगी। इस सीरीज के साथ श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में टीम एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी। हालांकि, कप्तानी से ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलेगा। भारत-आयरलैंड के बीच पहला टी20 26 जून को और दूसरा टी20 28 जून को खेला जाएगा। दोनों मैच शाम छह बजे से शुरू होंगे।
वैभव सूर्यवंशी पर क्यों टिकी हैं निगाहें? वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से धमाका करते हुए टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए थे। इसके बाद हाल ही में श्रीलंका में हुई इंडिया-ए त्रिकोणीय सीरीज में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। इस टूर्नामेंट में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की पारी खेली और लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक जड़ दिया। यही वजह है कि उनके भारतीय टीम में डेब्यू को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।
वैभव को सीधे प्लेइंग-11 में शामिल करना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं होगा। भारत के पास पहले से ही संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसी सफल ओपनिंग जोड़ी मौजूद है। टी20 विश्व कप में सैमसन ने शुरुआत में बेंच पर बैठने के बाद वापसी की और टूर्नामेंट के अंत में तीन यादगार पारियां खेलकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बने।
दूसरी ओर अभिषेक शर्मा का विश्व कप अभियान उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने लगातार तीन शून्य से शुरुआत की, लेकिन अंत में 21 गेंदों पर 52 रन की तेज पारी खेलकर लय हासिल कर ली। 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद से वह फुल मेंबर देशों के खिलाड़ियों में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। दोनों खिलाड़ियों का आईपीएल 2026 सीजन भी अच्छा रहा था।
अगर सूर्यवंशी को मौका दिया जाता है तो भारत को अपनी बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करना पड़ सकता है। टीम में ईशान किशन भी मौजूद हैं, जबकि श्रेयस अय्यर के नंबर-चार पर बल्लेबाजी करने की उम्मीद है। ऐसे में सूर्यवंशी के आने पर सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन में से केवल दो खिलाड़ियों के लिए ही जगह बच सकती है।
इसका मतलब यह हो सकता है कि किसी मौजूदा खिलाड़ी को अपनी बल्लेबाजी स्थिति बदलनी पड़े या फिर प्लेइंग-11 से बाहर बैठना पड़े। टी20 विश्व कप जीतने के तुरंत बाद ऐसा बदलाव कठोर लग सकता है, लेकिन टीम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा का स्तर यही दिखाता है। सूर्यकुमार यादव का कप्तानी और टीम दोनों से बाहर होना भी यह संकेत देता है कि चयनकर्ता कठिन फैसले लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
कागज पर देखें तो संजू सैमसन को नंबर-छह पर उतारना सबसे आसान समाधान नजर आता है। सैमसन पहले भी टी20 क्रिकेट में नंबर-चार और नंबर-पांच पर बल्लेबाजी कर चुके हैं, लेकिन मौजूदा भारतीय टीम में ये दोनों स्थान लगभग तय माने जा रहे हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर के नंबर-चार और उपकप्तान तिलक वर्मा के नंबर-पांच पर खेलने की संभावना सबसे अधिक है।
ऐसी स्थिति में सैमसन के लिए नंबर-छह का विकल्प बचता है। हालांकि यहां एक नई चुनौती सामने आती है। टी20 क्रिकेट में यह स्थान आमतौर पर ऐसे खिलाड़ी के लिए रखा जाता है जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सके। शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और सूर्यांश शेडगे जैसे खिलाड़ी इसी भूमिका के प्रमुख दावेदार हैं।
अगर भारत सैमसन को नंबर-छह पर खिलाने का फैसला करता है, तो टीम संयोजन पर उसका असर पड़ सकता है। ऐसे में टीम को एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प की कमी महसूस हो सकती है, जिसका असर संतुलन पर पड़ सकता है। यह भी हो सकता है कि एक टी20 में वैभव को बैठाया जाए और अगर टीम इंडिया जीतती है तो दूसरे टी20 में किसी सीनियर को बैठाकर सूर्यवंशी को मौका दिया जाए।
वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड सीरीज में डेब्यू का मौका मिले या नहीं, एक बात साफ है कि उन्होंने टीम के स्थापित बल्लेबाजों पर दबाव जरूर बढ़ा दिया है। बड़ी प्रतिभाएं अक्सर ऐसा ही प्रभाव छोड़ती हैं। जब कोई 15 वर्षीय बल्लेबाज घरेलू और ए-टीम स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा हो और सुर्खियों में बना हुआ हो, तो शीर्ष क्रम के खिलाड़ियों को भी पता होता है कि अब खराब प्रदर्शन की गुंजाइश पहले जैसी नहीं रही।
Source: https://www.amarujala.com/photo-gallery/cricket/ind-vs-ire-will-vaibhav-sooryavanshi-debut-shreyas-iyer-s-captaincy-test-and-india-s-selection-dilemma-2026-06-25