खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्या 55 प्रतिशत न्यूनतम निजी हिस्सेदारी का मतलब है कि परियोजना में 100 प्रतिशत निजी स्वामित्व की अनुमति होगी?
क्या बंदरगाह क्षेत्र में स्वामित्व का विविधीकरण सुनिश्चित किया जाएगा या फिर हवाईअड्डों की तरह ऐसी स्थिति बनने दी जाएगी, जहां एक ही निजी कंपनी अधिकांश परिसंपत्तियां हासिल कर ले?
जब पीपीपीएसी ने परियोजना के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) अनुदान देने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है, तो क्या मंत्रालय अपने बजट से पूंजीगत सहायता उपलब्ध कराएगा?
रमेश ने मंत्री से यह भी आग्रह किया कि वे निविदा जारी करने और निजी भागीदार के अंतिम चयन की संभावित समय-सीमा साझा करें।
जयराम रमेश इससे पहले केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी कई पत्र लिख चुके हैं। इन पत्रों में उन्होंने परियोजना से होने वाले संभावित पर्यावरणीय विनाश और पारिस्थितिकीय प्रभावों को लेकर चिंता जताई है।
हाल ही में उन्होंने पर्यावरण मंत्री यादव को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय प्रभाव आकलन पर्याप्त नहीं हैं और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है।
कांग्रेस का आरोप है कि गलाथिया बे में प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट से बड़े पैमाने पर प्रवाल भित्तियों को नुकसान पहुंचेगा और इससे गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा होगा।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/jairam-ramesh-writes-to-sonowal-seeks-clarifications-on-great-nicobar-project-transhipment-port-2026-06-22