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फीफा विश्वकप 2026 अब ग्रुप चरण के निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। जैसे-जैसे नॉकआउट चरण करीब आ रहा है, दर्शकों के मन में एक सवाल भी उठ रहा है कि आखिर ग्रुप के अंतिम दौर के मुकाबले एक ही समय पर क्यों खेले जा रहे हैं? यानी एक ग्रुप के दोनों मैच एक ही समय पर शुरू हो रहे हैं। जैसे 14वें दिन ग्रुप बी और ग्रुप सी के दोनों मुकाबले एक ही समय पर हुए। आगे भी इसी तरह हर ग्रुप के मुकाबले होंगे। इस तरह फैंस को एक समय पर दो मैच देखने में कठिनाई हो रही है और उन्हें अपने पसंदीदा मैच चुनना पड़ रहा है। दरअसल, इसके पीछे फीफा की एक सोची-समझी रणनीति है, जिसका उद्देश्य प्रतियोगिता की निष्पक्षता बनाए रखना है।
दूसरे मैच का फायदा न उठा सके कोई टीम
अगर किसी ग्रुप का एक मुकाबला पहले और दूसरा बाद में खेला जाए तो बाद में मैदान पर उतरने वाली टीम को पहले मैच का परिणाम पता होता है। ऐसे में वह अपनी रणनीति उसी हिसाब से बना सकती है।
उदाहरण के लिए यदि किसी टीम को पता चल जाए कि ड्रॉ से उसका काम चल जाएगा, तो वह आक्रामक खेलने के बजाय रक्षात्मक खेल अपना सकती है। इससे प्रतियोगिता की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
इतना ही नहीं कोई टीम अगर क्वालिफाई कर चुकी है और उसे पता है कि अगले यानी नॉकआउट में उसका सामना किस टीम से होने वाला है, तो वह अपने आखिरी दौर के मुकाबले के परिणाम को अपने हिसाब से टीम चुनने के लिए बदल सकती है।
यानी अगर एक ही ग्रुप में अलग-अलग समय पर मुकाबले हों, और स्पेन को अगर जर्मनी का सामना नहीं करना है नॉकआउट में तो वह अपने आखिरी दौर के मुकाबले का नतीजा अपने हिसाब से हेरफेर कर सकती है।
इसी कारण फीफा ने ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबलों को एक साथ कराने का नियम बनाया, ताकि सभी टीमें समान परिस्थितियों में खेलें और कोई भी टीम दूसरे मैच के नतीजे का लाभ न उठा सके।
Source: https://www.amarujala.com/sports/football/why-are-two-fifa-world-cup-2026-matches-being-played-simultaneously-fifa-s-strategy-explained-2026-06-25