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ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सीजेपी भारत में बढ़ती बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों और राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी का प्रतीक बनकर उभरी है। रिपोर्ट में कहा गया कि यह आंदोलन युवाओं के भीतर बढ़ रहे असंतोष को दिखाता है।

अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि सीजेपी उन युवाओं की आवाज बन रही है जो परीक्षा गड़बड़ियों, बेरोजगारी और सामाजिक मुद्दों से परेशान हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि यह सोशल मीडिया पर मिली लोकप्रियता को जमीनी समर्थन में बदलने की कोशिश है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इसे सरकार के खिलाफ उभरने वाले सबसे बड़े ऑनलाइन अभियानों में से एक बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में 15 से 29 वर्ष के करीब 40 करोड़ युवा हैं और उनके लिए पर्याप्त नौकरियां पैदा करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि कुछ ताकतें देश के युवाओं को नकारात्मक राजनीति की तरफ धकेलने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में बैठे कुछ लोग यह मानकर चल रहे हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा दे सकते हैं।

शिवसेना (उद्धव) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं को “कॉकरोच” कहना गलत है। उन्होंने कहा कि यही युवा अब अपनी मांगों के लिए आवाज उठा रहे हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सीजेपी प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “यह आवाज अहंकारी शासकों तक पहुंचे, युवाओं ने अब क्रांति का बिगुल बजा दिया है।”

एनसीपी (एसपी) के महासचिव रोहित पवार ने कहा कि सीजेपी को मिल रहा समर्थन यह दिखाता है कि देश के युवाओं में केंद्र सरकार की नीतियों और बड़ी परीक्षाओं में कथित लापरवाही को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/how-cockroach-janta-party-perform-abhijit-dipke-revealed-level-of-support-received-at-jantar-mantar-2026-06-07