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पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का मामला इस वक्त सुर्खियों में है। आरोप केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन पर है। पिछले साल हनीमून पर गए इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप उसकी नई नवेली पत्नी सोनम पर लगा। ये सिर्फ उदाहरण हैं। बीते कुछ वर्षों में इस तरह के कई मामले आए हैं जब किसी महिला पर अपने ही बेहद करीबी की हत्या का आरोप लगा। इस बदलते सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा जाता है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,41,534 मामले दर्ज हुए, जो 2023 के 4,48,211 मामलों से 1.5% कम हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे अधिक मामले पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के रहे, जिनकी संख्या 1,22,027 (27.6%) रही।
महिलाओं के अपहरण और किडनैपिंग के 71,241 (16.1%) मामले 2024 में दर्ज किए गए।
महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से हमला करने के 43,303 (9.8%), दहेज निषेध अधिनियम के 37,807 (8.6%) और दुष्कर्म के 29,536 (6.7%) मामले भी दर्ज किए गए।
इसके अलावा स्टॉकिंग के 9,865, दहेज हत्या के 5,737, एसिड अटैक के 11, यौन उत्पीड़न के 15,609, यौन शोषण के 2,561, दुष्कर्म के प्रयास के 1,505 माले दर्ज हुए।
कुल आईपीसी/बीएनएस अपराधों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की हिस्सेदारी 20.3% रही। यानी देश में होने वाले 100 में 20 से अधिक अपराध की घटनाएं महिलाओं के खिलाफ हुईं।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/sia-s-alleged-murder-plot-makes-headlines-but-how-safe-are-women-in-india-a-look-at-the-latest-crime-data-2026-06-27