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पूंछ के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने प्रदर्शनकारियों की मौत को नरसंहार मानने से साफ इनकार किया और दावा किया कि यह कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए की गई थी।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने सफाई देते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के 38-सूत्रीय एजेंडे में से 35 मांगें लागू कर दी गई हैं, और जो बची हैं उन्हें अदालती आदेशों के कारण लागू करना संभव नहीं है।

सरकार झुकने के बजाय प्रदर्शनकारी नेताओं पर हत्या और राजद्रोह जैसे गंभीर मुकदमों को दोबारा खोलने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

Source: https://www.amarujala.com/world/pakistan-occupied-kashmir-pok-asim-munir-army-security-forces-drawing-blood-residents-protest-human-rights-vio-2026-06-10