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14-सूत्रीय युद्ध विराम समझौते के तहत ईरान को 60 दिनों के लिए बिना किसी शुल्क के वाणिज्यिक जहाजों का सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना था, जो अमेरिका के लिए ईरान की मुख्य रियायत थी।
हालांकि, ईरान होर्मुज को खोलने के बावजूद इस पर अपना नियंत्रण बरकरार रखने की कोशिश में है। वह इसे भविष्य में अमेरिका के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत के रूप में देख रहा है।
ईरान ने फारस की खाड़ी में एक प्राधिकरण गठित किया है। इसके जरिए होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से समुद्री सेवाओं के लिए शुल्क देने और अपने स्वीकृत मार्गों से ही जहाजों को निकलने देने का फरमान जारी किया है।
दूसरी तरफ अमेरिका और खाड़ी देश ईरान की तरफ से जहाजों के गुजरने का शुल्क देने के खिलाफ हैं। इन देशों ने होर्मुज पर ईरान के मनमाने नियमों का विरोध किया है और उसके नियंत्रण को लेकर सवाल उठाए हैं।
ईरान के साथ युद्ध और होर्मुज के बार-बार बाधित होने से वैश्विक स्तर पर तेल और ईंधन की कीमतों उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। इसके चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर इस युद्ध को पूरी तरह खत्म करने और बातचीत की मेज पर लौटने का भारी घरेलू दबाव बन रहा है।
ट्रंप के नए सैन्य फैसलों का अमेरिकी संसद में भी विरोध हुआ। हाल ही में ट्रंप की युद्ध से जुड़ी शक्तियों पर लगाम लगाने के लिए संसद में एक प्रस्ताव पारित हुआ था। अब डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने ईरान पर अमेरिका के ताजा हमलों को उस प्रस्ताव का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने ट्रंप को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने यह युद्ध नहीं रोका, तो वे राष्ट्रपति को अदालत में घसीटेंगे।
घरेलू विरोध के बावजूद ट्रंप और उनका प्रशासन, खासकर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। ट्रंप ने इस समझौते को ईरान का बिना शर्त आत्मसमर्पण बताया था और सेना के वापस लौटने का एलान किया था। हालांकि, अब उन्होंने ईरान को खुली धमकी दी है कि अगर उसने हमले जारी रखे तो अमेरिका अपने काम को सैन्य रूप से पूरा करने के लिए मजबूर होगा और ईरान का वजूद खत्म हो जाएगा।
ईरान की घरेलू राजनीति में इस वक्त होर्मुज जलडमरूमध्य नियंत्रण का मुद्दा सबसे अहम है। ईरानी नेताओं और रणनीतिकारों का मजबूती से मानना है कि यह जलमार्ग उनका सबसे बड़ा अस्त्र है। उनका मानना है कि अगर उन्होंने इस पर से दबाव हटा लिया, तो अमेरिका के सामने बातचीत की मेज पर उनकी स्थिति काफी कमजोर हो जाएगी।
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने घरेलू स्तर पर यह स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज का प्रशासन अब किसी भी कीमत पर युद्ध से पहले वाली स्थिति में नहीं लौटेगा। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने भी सीधे तौर हमलों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान का विदेश मंत्रालय और आईआरजीसी घरेलू स्तर पर अमेरिका को एक संधि तोड़ने वाले और अविश्वसनीय देश के रूप में पेश कर रहे हैं। देश की जनता के बीच यह संदेश जोर-शोर से फैलाया जा रहा है कि अमेरिका की किसी भी आक्रामकता का तुरंत, निर्णायक और करारा जवाब दिया जाएगा।
Source: https://www.amarujala.com/world/us-iran-war-ignites-west-asia-conflict-hormuz-strait-ships-targeted-oil-and-gas-prices-donald-trump-irgc-oman-2026-06-28