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चार साल में अग्निवीरों ने प्रशिक्षण के साथ कई सैन्य अभियानों और अभ्यासों में हिस्सा लिया।

आधुनिक हथियारों और नई सैन्य तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।

ड्रोन, निगरानी प्रणाली और डिजिटल युद्ध प्रणाली चलाने में दक्षता विकसित की।

सेना का मानना है कि प्रशिक्षित जवानों को चार साल बाद पूरी तरह बाहर करना व्यावहारिक नहीं होगा।

अधिक अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखने से अनुभवी सैनिकों का बड़ा समूह तैयार रहेगा।

नए सैनिकों के प्रशिक्षण में लगने वाला समय और संसाधन भी बच सकेंगे।

इससे सेना की ऑपरेशनल क्षमता और युद्धक तैयारी मजबूत होगी।

आने वाले वर्षों में अग्निवीरों की भर्ती बढ़ाने की तैयारी है।

पिछले प्रशिक्षण चक्र में करीब 70 हजार अग्निवीर प्रशिक्षण ले रहे थे।

अगले प्रशिक्षण वर्ष में लगभग 90 हजार रिक्तियां निकाले जाने की संभावना है।

लक्ष्य सेना में करीब 1.8 लाख जवानों की कमी को धीरे-धीरे पूरा करना है।

भर्ती बढ़ाने के साथ प्रशिक्षित अग्निवीरों को अधिक संख्या में नियमित सेवा में रखने पर भी विचार किया जा रहा है।

अंतिम निर्णय सरकार और सैन्य मामलों के विभाग की मंजूरी के बाद होगा।

सेवा निधि पैकेज में वेतन से जमा राशि और सरकार का समान योगदान के तहत करीब ₹11.71 लाख, आयकर मुक्त) मिलते हैं।

जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज भी मिलेगा।

स्किल सर्टिफिकेट (कौशल प्रमाणपत्र) दिया जाएगा।

अनुभव प्रमाणपत्र मिलेगा, जिससे दूसरी नौकरियों में मदद होगी।

नियमित सेवा में चयन नहीं होने पर भी कैंपस प्लेसमेंट और रोजगार सहायता का लाभ मिलेगा।

सीएपीएफ और असम राइफल्स की भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान।

पहले बैच के अग्निवीरों को आयु सीमा में पांच वर्ष और बाद के बैचों को तीन वर्ष की छूट।

कई राज्य सरकारों ने पुलिस भर्ती और अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की घोषणा की है।

विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सेवा के दौरान अर्जित कौशल के आधार पर ब्रिज कोर्स और उच्च शिक्षा के अवसर भी मिल सकते हैं।

यदि ड्यूटी के दौरान मृत्यु होती है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार बीमा और अनुग्रह राशि का लाभ परिवार को मिलता है।

सेवा के दौरान दिव्यांग होने पर नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाता है।

नियमित सेवा के लिए चयनित होने वाले अग्निवीर भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में स्थायी सैनिक के रूप में आगे सेवा जारी रख सकते हैं।

सेवा के दौरान प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/agnipath-scheme-explained-why-indian-army-want-to-retain-more-agniveers-after-four-years-2026-07-06