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वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज 3 से 7 जून तक भारत के पांच दिवसीय दौरे पर रहेंगी। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने की कोशिशें जारी हैं। अमेरिका द्वारा 3 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद रोड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया था।

भारत के विदेश मंत्रालय ने रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में संबोधित किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि रोड्रिगेज पहले 1 जून को होने वाले इंटरनेशनल बिग कैट्स एलायंस शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाली थीं, लेकिन सम्मेलन स्थगित होने के बाद वह कार्यकारी दौरे पर भारत आ रही हैं।

इस यात्रा के दौरान डेल्सी रोड्रिगेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। दोनों पक्ष ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। रोड्रिगेज के साथ वेनेजुएला के विदेश, अर्थव्यवस्था एवं वित्त, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, संचार और परिवहन मंत्री भी भारत आ रहे हैं।

डेल्सी रोड्रिगेज का भारत से पुराना जुड़ाव रहा है। वह 2015 में विदेश मंत्री के रूप में और 2019, 2023, 2024 व 2025 में उपराष्ट्रपति के रूप में भारत का दौरा कर चुकी हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी और कुल मिलाकर यह उनका छठा भारत दौरा है।

भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा क्षेत्र सहयोग का प्रमुख आधार रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में भारत प्रतिदिन 4.27 लाख बैरल तेल खरीदकर वेनेजुएला का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बन गया। इस सूची में अमेरिका पहले स्थान पर रहा। वहीं, भारत की प्रमुख निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज हाल के महीनों में वेनेजुएला के कच्चे तेल की तीन सबसे बड़ी खरीदार कंपनियों में शामिल होकर उभरी है। गौरतलब है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने वेनेजुएला से तेल आयात लगभग बंद कर दिया था। भारत सरकार के आधिकारिक व्यापार आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में वेनेजुएला भारत का पांचवां सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता था। उस वर्ष उसने भारतीय रिफाइनरियों को करीब 1.6 करोड़ टन कच्चे तेल की आपूर्ति की थी।

वित्त वर्ष 2019-20 में भारत और वेनेजुएला के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 6.40 अरब डॉलर का रहा था। इसमें भारत का आयात 6.06 अरब डॉलर था, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का था।

अक्तूबर 2023 में अमेरिका द्वारा तेल क्षेत्र से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दिए जाने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने फिर से वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया था। बाद में प्रतिबंधों और अमेरिकी नीतिगत बदलावों के कारण इसमें फिर बाधाएं आईं। लेकिन इस वर्ष फरवरी से, विशेषकर पश्चिम एशिया में युद्ध और होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के बाद, भारत ने वेनेजुएला से तेल आयात दोबारा बढ़ाया है।

भारत सरकार का मानना है कि वेनेजुएला ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण साझेदार है, जबकि भारतीय सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियां वहां निवेश के नए अवसर तलाश रही हैं। ऐसे में डेल्सी रोड्रिगेज की यह यात्रा ऊर्जा सहयोग और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/venezuela-s-delcy-rodr-guez-visits-india-energy-and-investment-talks-on-agenda-2026-06-03