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बंगलूरू के एक आईटी कंपनी परिसर में संचालित डे-केयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है। मामले में पांच महिला कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने कामकाजी माता-पिता के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।

बंगलूरू पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी से शिकायत मिलने के तुरंत बाद HAL थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिकायत के साथ मिले वीडियो की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। जांच के लिए पूर्वी बंगलूरू के संयुक्त पुलिस आयुक्त और व्हाइटफील्ड के पुलिस उपायुक्त मौके पर मौजूद हैं। एक महिला डीसीपी रैंक की अधिकारी को भी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि वीडियो, सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचा जाएगा और कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा।

पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में दो से तीन साल के मासूम बच्चों के साथ बेहद क्रूर व्यवहार दिखाई दे रहा है। आरोप है कि बच्चों के रोने पर उन्हें फ्रंट लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर बैठाया गया। टॉयलेट के जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी डाला गया। कई बच्चों को बाथरूम में बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं, उन्हें जबरन वेस्टर्न कमोड पर बैठाया गया और डराकर चुप कराया गया। जिन बच्चों के साथ यह कथित अत्याचार हुआ, उनके अधिकांश माता-पिता उसी आईटी कंपनी में काम करने वाले पेशेवर हैं।

यह मामला तब सामने आया जब एक चाइल्ड हेल्पलाइन अधिकारी को डे-केयर के अंदर के चार वीडियो मिले। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस के अनुसार, वीडियो एक कर्मचारी ने रिकॉर्ड किए थे, जिसकी एक परिचित महिला कर्मचारी को पिछले महीने नौकरी से निकाल दिया गया था। HAL थाना पुलिस ने मंजुला, विजयलक्ष्मी, भवानी, सिंधु और बिंदु के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 के तहत मामला दर्ज किया है। सभी पांचों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस घटना के बाद शहर में संचालित अन्य डे-केयर सेंटरों की भी जांच की जाएगी। संबंधित विभागों से ऐसे सभी डे-केयर केंद्रों की सूची मांगी जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे अधिकृत हैं या नहीं और क्या तय नियमों का पालन कर रहे हैं। पुलिस यह भी जांच करेगी कि इन केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन मिला तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने डे-केयर सेंटर का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिया है। अब बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों से भी संपर्क किया जा रहा है। पुलिस यह जानना चाहती है कि क्या बच्चों ने पहले कभी किसी तरह की शिकायत की थी या उनके व्यवहार में कोई असामान्य बदलाव दिखाई दिया था। जांच में मिले सभी तथ्यों को रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/bengaluru-day-care-abuse-case-police-vow-strict-action-no-one-will-be-spared-as-five-nannies-arrested-2026-07-02