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देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के लाखों निवेशकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। कंपनी के आईटी सिस्टम में सेंधमारी कर संवेदनशील डेटा चुराने वाले 'मॉर्फियस' नाम के एक रैनसमवेयर ग्रुप के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है।

बॉम्बे हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के जस्टिस श्रीराम शिरसाट ने 29 मई को इस मामले में सुनवाई करते हुए 'मॉर्फियस' हैकर्स के खिलाफ अस्थायी निषेधाज्ञा जारी की है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि हैकर्स द्वारा चुराए गए गोपनीय डेटा के वितरण या खुलासे पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा कि अगर इस गोपनीय डेटा का दुरुपयोग, लीक या व्यापार किया जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इससे वादी कंपनी को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।

अदालत ने सिर्फ हैकर्स पर रोक लगाकर ही मामला खत्म नहीं किया है, बल्कि केंद्र सरकार को भी इस डेटा ब्रीच को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने दूरसंचार विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जरिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि चुराए गए गोपनीय डेटा से जुड़े सभी अकाउंट्स को हटाने, डिलीट करने, ब्लॉक करने और डिसेबल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। एचडीएफसी एएमसी ने अपनी याचिका में विशेष रूप से इन सरकारी विभागों से हस्तक्षेप की मांग की थी।

नई दिल्ली: संजय लोहिया ने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव के रूप में लिया कार्यभार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1994 बैच (असम-मेघालय कैडर) के अधिकारी संजय लोहिया ने सोमवार को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। सचिव का पदभार संभालने से पहले, लोहिया डीएफएस में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे, जिस पद पर उन्हें इस वर्ष की शुरुआत में नेतृत्व में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत पदोन्नत किया गया था। इससे पहले, वे खान मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर थे। लोहिया ने अपने करियर में विविध जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे असम के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्हें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के बोर्ड में सरकारी मनोनीत निदेशक के रूप में अपने हालिया कार्यकाल के लिए भी जाना जाता है। लोहिया ने एम नागराजू का स्थान लिया है, जिन्होंने रणनीतिक बैंकिंग सुधारों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रशासन को मजबूत करने पर अधिक जोर देने वाले दौर में विभाग का नेतृत्व किया। लोहिया ऐसे समय में कार्यभार संभाल रहे हैं जब वित्तीय क्षेत्र डिजिटल वित्तीय समावेशन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनर्पूंजीकरण और परिचालन स्वायत्तता, तथा बीमा और पेंशन कवरेज की व्यापक पहुंच पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। वित्तीय सेवा विभाग भारत के बैंकिंग, बीमा और पेंशन क्षेत्रों की देखरेख करने वाला नोडल प्राधिकरण है। यह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमाकर्ताओं और पेंशन योजनाओं से संबंधित प्रमुख वित्तीय समावेशन और नियामक पहलों को तैयार करता है, कानूनों का प्रशासन करता है और उन्हें क्रियान्वित करता है। वित्तीय सेवा विभाग देश भर में डिजिटल वित्तीय अवसंरचना और वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/bombay-hc-shields-hdfc-amc-injunction-granted-against-morpheus-ransomware-group-2026-06-01