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राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की चर्चा आमतौर पर धूल, धुएं और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्मकणों-पीएम 2.5 जैसे प्रदूषकों तक सीमित रहती है, लेकिन अब जमीनी स्तर पर बनने वाला ओजोन तेजी से एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बनकर उभरा है।

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ओजोन कैसे बनता है? नाइट्रोजन ऑक्साइड (नॉक्स), वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (वीओसी) और सूर्य की तेज रोशनी के मेल से जमीनी स्तर पर ओजोन का निर्माण होता है। यह सीधे किसी वाहन या उद्योग से नहीं निकलता, बल्कि वातावरण में होने वाली रासायनिक प्रक्रियाओं का परिणाम होता है। इसलिए इसे नियंत्रित करना पारंपरिक प्रदूषकों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

Source: https://www.amarujala.com/delhi-ncr/alert-ozone-threat-increases-in-delhi-2026-06-17