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ईरान और इस्राइल ने एक अहम कूटनीतिक पहल के तहत एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। इसके साथ ही अमेरिका की मध्यस्थता से अप्रैल में लागू हुआ युद्धविराम फिर से बहाल हो गया है। दोनों देशों के बीच यह फैसला सोमवार को कई देशों के कूटनीतिक प्रयासों के बाद लिया गया। इससे पहले सप्ताहांत में तनाव काफी बढ़ गया था। ईरान और इस्राइल ने एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जो पिछले दो महीनों में पहली बार सीधे सैन्य टकराव के रूप में सामने आए।
एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में मुंबई में ईरान के महावाणिज्यदूत सईद रजा मोसयेब मोतलाघ ने पश्चिम एशिया के दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच अस्थिर शांति समझौते को सबसे पहले किसने तोड़ा? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने तेल अवीव पर उंगली उठाई। महावाणिज्यदूत मोतलाघ ने कहा ’अल्लाह के नाम पर, जो अत्यंत दयालु और रहम करने वाला है। युद्धविराम के उल्लंघन के संबंध में अगर कोई वैश्विक दैनिक समाचारों पर नजर डाले, तो यह साफ है कि इसका उल्लंघन किसने किया। पाकिस्तान में हुई वार्ता के आधार पर, सभी पक्षों को पूरे मोर्चे पर शत्रुता रोकनी थी।’
Source: https://www.amarujala.com/india-news/strategic-patience-over-iran-holds-israel-responsible-for-ceasefire-violation-here-s-why-it-praised-india-2026-06-09