इंद्रजीत ने पिछले साल भी यह परीक्षा पास की थी, लेकिन बेहतर रैंक और अच्छे संस्थान की चाह में उन्होंने हार नहीं मानी और एक साल और तैयारी की. घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे महंगी फिजिकल कोचिंग नहीं ले सकते थे, इसलिए उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई को अपना हथियार बनाया.
Source: https://ndtv.in/education/success-story-auto-rickshaw-drivers-son-secures-1028th-rank-in-jee-obc-category-11613409#publisher=newsstand