MP Rajaysabha: कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का आज नामांकन रद्द हो गया। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों रद्द हुआ? भाजपा ने क्या आरोप लगाए? कमलनाथ ने क्या कहा? आइए जानते हैं सबकुछ।

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दरअसल, हैदराबाद की फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में कॉरपोरेटर ए. श्रीलता ने मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य लोगों के खिलाफ एक परिवाद दायर किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिव कुमार रेड्डी नामक व्यक्ति ने उनके साथ छेड़छाड़ की और मीनाक्षी नटराजन ने उसे संरक्षण दिया। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

11 मई 2025: शिकायतकर्ता ए. श्रीलता के अनुसार कथित घटना हुई।

20 अगस्त 2025: ए. श्रीलता ने हैदराबाद की फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में मीनाक्षी नटराजन (अभियुक्त क्रमांक-4) सहित अन्य लोगों के खिलाफ परिवाद दायर किया।

17 सितंबर 2025: अदालत ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मीनाक्षी नटराजन को समन/नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए।

24 अक्टूबर 2025: मीनाक्षी नटराजन की ओर से उनके अधिवक्ता ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया। इसमें शिकायत को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित बताते हुए आरोपों का खंडन किया गया और परिवाद निरस्त करने की मांग की गई।

17 नवंबर 2025: अदालत ने मामले को खारिज करने से इनकार करते हुए सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया। तब से यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।

क्या बोली भाजपा? भाजपा की ओर से प्रस्तुत आपत्ति में कहा गया है कि यह मामला न्यायालय में लंबित है और मीनाक्षी नटराजन इस प्रकरण में अपना जवाब भी दाखिल कर चुकी हैं। इसके बावजूद राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल शपथ पत्र में इस मामले का उल्लेख नहीं किया गया। भाजपा ने इसे तथ्यों को छिपाने का मामला बताते हुए नामांकन पर कार्रवाई और उसे निरस्त करने की मांग की है। पढ़ें: कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, किस बात पर भाजपा ने जताई थी आपत्ति कांग्रेस का क्या तर्क? दूसरी ओर, कांग्रेस का तर्क है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ किसी न्यायालय ने अभी तक आरोप तय नहीं किए हैं और न ही उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है। इसलिए भाजपा की आपत्ति का कोई कानूनी आधार नहीं है। अब आगे क्या? हालांकि भाजपा के तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित होने के लिए 11 जून को नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना होगा। इस बीच यदि मीनाक्षी नटराजन को न्यायालय या निर्वाचन आयोग से कोई राहत मिलती है और उनका नामांकन बहाल होता है, तो तीसरी सीट का मुकाबला फिर रोचक हो सकता है तथा भाजपा की रणनीति और गणित प्रभावित हो सकते हैं।

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Source: https://www.amarujala.com/madhya-pradesh/rajya-sabha-election-mp-candidates-who-is-richest-affidavits-reveal-wealth-assets-and-lifestyle-2026-06-09